2026 Cate Reservation Flashlight Points in India
1. सुप्रीम कोर्ट का मील का पत्थर फैसला (जनवरी 2026)
सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती और आरक्षण के बीच संतुलन पर एक स्पष्ट और दूरगामी फैसला सुनाया है:
मेरिट और ओपन कैटेगरी: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SC, ST, OBC और EWS श्रेणी के उम्मीदवार, जो बिना किसी आयु छूट या रियायत का लाभ उठाए सामान्य कट-ऑफ के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें "अनारक्षित (Open)" सीटों पर चुना जाना चाहिए।
अनारक्षित श्रेणी का अर्थ: कोर्ट के अनुसार, 'अनारक्षित श्रेणी' केवल सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है, बल्कि यह सभी के लिए खुली एक मेरिट-आधारित पूल है।
दोहरा लाभ नहीं: यदि किसी उम्मीदवार ने प्रारंभिक स्तर पर ही आयु सीमा या अन्य रियायतों का लाभ ले लिया है, तो वह बाद में मेरिट के आधार पर ओपन कैटेगरी सीट का दावा नहीं कर सकता।
2. संविधान (संशोधन) विधेयक, 2026
6 फरवरी 2026 को राज्यसभा में एक नया संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया है, जो निम्नलिखित बदलावों का प्रस्ताव रखता है:
न्यायपालिका में आरक्षण: उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति में सामाजिक विविधता और आरक्षण सुनिश्चित करना।
पदोन्नति में आरक्षण: पिछड़े वर्गों के लिए पदोन्नति (promotion) में आरक्षण को संवैधानिक रूप से और सुदृढ़ करना।
जाति आधारित जनगणना: राज्यों को अपनी सीमाओं के भीतर जाति-आधारित जनगणना कराने के लिए सशक्त बनाना।
3. शिक्षा में बदलाव: UGC नियम 2026
जनवरी 2026 में, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए नए नियम अधिसूचित किए:
भेदभाव विरोधी तंत्र: सभी विश्वविद्यालयों के लिए SC, ST और OBC सेल बनाना और जातिगत भेदभाव की शिकायतों के लिए "इक्विटी कमेटी" गठित करना अनिवार्य किया गया है।
वर्तमान स्थिति: हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को इन नियमों के कुछ हिस्सों पर फिलहाल रोक लगा दी है, क्योंकि कोर्ट का मानना है कि ये नियम समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं।
4. महिला आरक्षण (Women's Reservation)
106वें संवैधानिक संशोधन (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33% सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया जारी है:
ताजा अपडेट: मार्च 2026 में सरकार ने जनगणना प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। "हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस" अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा।
लागू होने का समय: जनगणना के बाद ही परिसीमन (delimitation) होगा, जिसके बाद ही महिला आरक्षण प्रभावी रूप से लागू हो पाएगा (संभावित रूप से 2027-2029 तक)।
5. आरक्षण की वर्तमान सीमाएँ
वर्तमान में केंद्रीय स्तर पर आरक्षण की कुल सीमा लगभग 59.5% है:
SC: 15%
ST: 7.5%
OBC: 27% (क्रीमी लेयर को छोड़कर)
EWS: 10% (आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लिए)
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